जन्मदिन का तोहफ़ा- हब्शी का लौड़ा – Janmdin Ka Tohfa Habshi Ka Lauda

वाइफ़ स्वैपिंग के बाद मेरी बीवी काफ़ी खुल गई थी। एक दिन ब्ल्यू फ़िल्म देखते हुए उसने नीग्रो के लौड़े की मांग कर दी। कहानी में पढ़िए कि उसकी मांग कैसे पूरी हुई…

हैलो दोस्तो, आज आपके लिए पेश है, दिल्ली के राज गर्ग की एक और कहानी, जिसमें उन्होने अपनी पत्नी की इच्छा पूर्ति के लिए उसको जन्मदिन पर तोहफे के रूप में हब्शी यानि के नीग्रो का लंड तोहफे में दिया।

तो कहानी पढ़िये और सोचिए अगर कल आपकी पत्नी आपसे कहे कि उसे भी किसी नीग्रो का लंड चाहिए तो आप क्या करेंगे।

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हुआ यूँ कि वाइफ़ स्वेपर्स क्लब की दो तीन मीटिंग्स जॉइन करने के बाद मेरी पत्नी काफी बिंदास हो गई।
बिंदास तो पहले भी थी, मगर अब उसे अपने मन की कोई भी बात खुल कर मुझसे कहने में कोई संकोच नहीं होता था।

ऐसे ही एक रात को हम अपना प्रोग्राम बना रहे थे तो मूड बनाने के लिए मैंने एक ब्लू फिल्म एल ई डी पर लगा ली कि बड़ी स्क्रीन पर देखेंगे और उनकी तरह खुद भी एंजॉय करेंगे।
मैं भी सिर्फ चड्डी पहने था और मेरी बीवी ने सिर्फ एक नाईटी पहन रखी थी, नाईटी के नीचे से कोई ब्रा या पेंटी कुछ भी नहीं पहना था।

एक दूसरे से सट कर बैठे दोनों हम एक दूसरे के कोमल अंगों से खेल रहे थे। मैं अपनी पत्नी की चूत के दाने को अपनी उंगली से सहला रहा था जबकि वो मेरी चड्डी में हाथ डाल कर मेरे लंड को सहला रही थी।

फिल्म में कई तरह के सीन थे, ऐसे में ही एक सीन आया कि एक बहुत ही लंबा चौड़ा अफ़्रीकी जिसका लंड करीब 1 फुट के करीब होगा, एक नाज़ुक सी 18-19 साल की लड़की को चोदता, लड़की को क्या उसकी तो माँ चोद देता है।
लड़की उसके लंबे और तगड़े लंड से बचने के लिए भागी फिरती है और वो हब्शी बार बार उस लड़की को पकड़ पकड़ के चोदता है।

सीन देखते देखते मेरी बीवी ने पूछा- सुनो, क्या इन सभी हब्शियों के लंड इतने बड़े बड़े होते हैं?
मैंने कहा- नहीं, सबके तो नहीं, इन फिल्म वालों ने दवाएं खा खा कर इतने बड़े बड़े कर रखे होते हैं।
‘तो आप भी खा लो ऐसी कोई दवा!’ बीवी बोली।

तो मेरे तो कान खड़े हो गए- क्यों, क्या तुम्हें मेरा लंड छोटा लगता है?
मैंने पूछा।
वो बोली- नहीं छोटा तो नहीं ठीक है, मगर मैं सोचती थी, जो औरतें इतने बड़े बड़े लेती हैं, उनको कैसा महसूस होता होगा।
मैंने पूछा- तुमने लेना है क्या?

तो उसने झट से मेरी चड्डी से अपना हाथ बाहर निकाला और बोली- आप दिला सकते हो क्या?
मैंने कहा- क्यों, क्लब में भी तो तुम कई तरह के ले चुकी हो, क्या उनसे दिल नहीं भरा?
वो बोली- क्लब में सब इंडियन्स ही हैं, और सबके 6-7 इंच के ही हैं, कुछ के तो इससे भी कम।

‘तो क्या तुम बड़ा लंड लेना चाहती हो किसी हब्शी का, कल को कोई बीमारी लग गई, या कोई और प्रोब्लम आ गई तो?’ मैंने उसे डराना चाहा, जबकि उसकी इस इच्छा से मेरे अपने गोटे ऊपर चढ़े पढे थे।

वो बोली- ऐसा करते हैंक कि आप एक बार मेरे लिए, कोई ऐसा ही लंबा चौड़ा हब्शी, जिसका लंड भी उसकी तरह ही विशाल हो, ढूंढ के लाओ, अगर मुझे पसंद आया तो मैं उसके साथ करूंगी, अगर पसंद नहीं आया तो फिर छोड़ दूँगी, फिर कभी आपसे ऐसे नहीं कहूँगी।
मैंने कहा- देखो यार, अब मैं कहाँ से तुम्हें हब्शी ढूंढ के लाकर दूँ, और क्या मैं दिल्ली में रहने वाले सभी नीग्रो से कहता फिरूँ कि भाई, अपना लंड दिखाना मेरी बीवी ने लेना है?
‘क्या यार तुम भी?’
‘अब ऐसे देखने से क्या पता चलेगा कि किस हब्शी का लंड कितना बड़ा है?’

मगर वो फिर भी बोली- देखो, यह समझ लो कि मेरा जन्मदिन आ रहा है तो उसका तोहफा मुझे यही चीज़ चाहिए, ज़रूरी नहीं उसी दिन, बस आगे पीछे कभी भी, पर ला ज़रूर देना!

उसने तो कह दिया पर मेरी फट गई कि अब यह क्या अनुचित मांग है इसकी और इसे कैसे पूरा करूँ।
वो तो जी… साइड मार के सो गई और मैं टीवी बंद करके ना जाने कब तक छत को घूरता रहा।

उसके बाद मैंने कुछ लोगों से बात की, और अपनी किसी महिला दोस्त का हवाला देकर उनसे भी कोई लंबे चौड़े हब्शी के बारे में पता किया।

और एक दिन एक दोस्त ने मुझे एक हब्शी दोस्त से मिलाया।
वो तीन चार हब्शी थे जो एक स्टूडेंट थे और एक ही बड़े सारे कमरे में रहते थे।मैंने उनसे मुलाक़ात की।
थोड़े दिन बाद फिर मैं उनके घर गया और उनके लिए बीयर चिकन वगैरह ले गया, धीरे धीरे उनसे दोस्ती बढ़ाई।

एक दिन बीयर पीते पीते मैंने उनसे एक बात पूछी कि उनमें से सबसे बड़ा औज़ार किसका है।
अब वो तो थे ही बड़े बिंदास सो उनमें से एक गर्शिया नाम का बोला कि उसका सबसे बड़ा है।

अब उन 4 हब्शियों के इलावा मैं ही वहाँ था, तो मैंने उन्हे अपने विश्वास में लेकर पूछा कि अगर मेरी बीवी के सामने वो अपने अपने लंड निकाल के दिखा सकते हैं तो जिसका लंड वो पसंद करेगी, उसे मेरी बीवी के साथ सेक्स करने का मौका मिल सकता है।

मैंने अपनी बीवी की फोटो भी उनको अपने मोबाइल पर दिखाई।
अब गोरी चिट्टी सुंदर औरत देख कर उनका भी मन मचल गया, और बस प्रोग्राम फिक्स हो गया।

उस शाम मैंने घर जा कर अपनी बीवी को बताया कि उसके बर्थड़े गिफ्ट का इंतजाम हो गया है तो वो बहुत खुश हुई।

उसके जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले शाम को मैं और मेरी पत्नी दोनों तैयार हो कर उन हब्शियों के घर जा पहुंचे।
शाम का करीब 7 बजे का वक़्त था, वो भी पूरी तैयारी में थे, कमरे को बिल्कुल साफ सुथरा करके, परफ़्यूम से महकाया था।

बल्कि उस दिन उनकी एक और महिला मित्र भी आई हुई थी। मैं तो उसको देख कर हैरान ही रह गया, इतने बड़े बोबे और इतने बड़े चूतड़, कूल्हे, गांड तो मैंने आज तक नहीं देखे थे।
मैं सोच रहा था कि अगर बात बनी तो मैं अपनी के बदले इसको स्वैप करने की बात कहूँगा।

खैर सबने हाथ मिला कर एक दूसरे का अभिवादन किया और सब बैठ गए।
पहले तो स्टार्ट ही बीयर से हुआ। हल्का हल्का इंगलिश संगीत और हल्की मद्धम रोशनी माहौल बना रही थी।
हम दोनों भी अपना अपना गिलास पकड़ कर बैठ गए, स्वैपर्स क्लब में जाने की वजह से मेरी बीवी भी थोड़ी बहुत बीयर ले लेती थी।

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कुछ देर इधर उधर की बातें होती रही।
जब सब दो दो गिलास बीयर पी चुके तो फिर हंसी मज़ाक में कामुकता का रस भी घुलने लगा। वो जो नीग्रो लड़की थी, संगीत पर थिरकतेथिरकते कभी इसकी गोद में गिर जाती कभी उसकी गोद में… एक बार मेरी गोद में भी बैठी।
सच में पत्थर की तरह सख्त चूतड़ उसके और उसको उठाने के चक्कर में मैंने उसकी कमर को पकड़ा और हाथ ऊपर उसके
बोबों तक ले गया, तो बोबे भी एकदम सॉलिड।

मेरी बीवी ने भी देख लिया कि मैंने बहाने से उसके बोबे छू लिए हैं, मगर वो सिर्फ मुस्कुराई।

फिर उस लड़की ने अपनी शर्ट उतार दी।
हे भगवान… काले रंग के ब्रा में फंसे उसके बोबे, इतने विशाल कि मैं ब्यान ही नहीं कर सकता।
नीचे काली स्लेक्स जो उसकी मोटी जांघों और बहुत ही भारी गांड को बड़ी मुश्किल से संभाल पा रही थी।
वो लड़की भी नाच रही थी, हब्शी लड़के भी नाच रहे थे और नाचते नाचते वो सब उसके भरी भरकम बदन को भी सहला रहे थे।

फिर एक लड़का आया और मेरी बीवी को भी उठा कर ले गया और उसके साथ डांस करने लगा।
डांस तो मेरी बीवी को आता नहीं था मगर फिर वो भी उनके साथ मटकने लगी।
मुझे भी उन्होंने डांस के लिए खींचा मगर मैंने मना कर दिया और बैठ कर उनका डांस देखने लगा।

नाचते नाचते उस लड़के ने मेरे सामने ही मेरी बीवी के चूतड़ों पर हाथ फिराया।
यह कोई डांस नहीं था, यह शुद्ध कामुकता थी।
मेरी बीवी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं की, वो वैसे ही मटकती रही।

उसके बाद एक एक करके सब लड़कों ने अपने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिये और उस लड़की ने भी अपनी स्लेक्स उतार दी, वो सिर्फ ब्रा पेंटी में थी और चारों लड़के सिर्फ चड्डी में।

एक बार मुझे लगा कि अगर ये साले चारों के चारों मेरी बीवी पर टूट पड़े तो ये तो साले इतने तगड़े हैं कि मैं तो अपनी बीवी को बचा भी न सकूँगा।
पर अब तो जो होगा देखा जाएगा वाले हालात थे तो मैं बैठा देखता रहा।

जैसे जैसे बीयर को बॉटल पे बॉटल वो लोग खाली करते जा रहे थे, मेरी बीवी के साथ चिपकते जा रहे थे और थोड़ी देर बार हालत ये थी कि दो लड़के उस मोटी लड़की के साथ और दो लड़के मेरी बीवी के बिल्कुल साथ चिपक कर डांस कर रहे थे, एक सामने से मेरी बीवी के बदन से अपना बदन रगड़ रहा थे और दूसरा पीछे से उसकी गांड पर अपना लंड घिसा रहा था।

घिसाते घिसाते उन्होने मेरी बीवी का पहले कुर्ता और फिर सलवार भी उतार दी और उसको बेड पे बैठा दिया। फिर सबसे पहले एक हब्शी लड़का आया और उसने मेरी बीवी के बिल्कुल सामने आकर अपनी चड्डी नीचे खिसका और अपना लंड निकाल कर दिखाया, करीब 9 इंच का उसका काला लंड उसने खुद मेरी बीवी के हाथ में पकड़ा दिया।

मेरी बीवी ने उसको अपने हाथ से पकड़ के देखा तो उस लड़के मेरी बीवी का मुँह अपने लंड से जोड़ दिया और उसके मुँह में अपना लंड ठूंस दिया।
अभी उसने सिर्फ दो तीन बार ही उसका लंड चूसा होगा कि दूसरा लड़का आ गया और उसने भी अपना लंड निकाल कर मेरी बीवी के हाथ में पकड़ा दिया।
इसका लंड भी उतना ही बड़ा था मगर ज़्यादा मोटा था।

फिर तीसरा लड़का आया, उसका लंड कुछ छोटा था, करीब 7 इंच का।
सबके बाद गर्शिया आया, जब उसने अपनी चड्डी नीचे की तो एक बार तो मैं भी उसका लंड देख कर हैरान रह गया!
11 इंच का मोटा काला लंड जैसे कोई साँप हो।
यह कहानी आप चोद्काम डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

जब मेरी बीवी ने उसका लंड देखा तो बाकी सब को छोड़ कर उसका लंड पकड़ लिया।
सारे लंड पर उसने हाथ फेर कर देखा, जैसे उसे यकीन ही न हो कि इतना बड़ा लंड भी हो सकता है।

फिर गर्शिया ने पूछा- अब तुम हम चारों के लंड देख चुकी हो बोलो किसका लंड लोगी?
अब मेरी बीवी ने सबसे बड़े लंड की चाह की थी और उसे मिल भी गया, तो उसने गर्शिया के लंड को ही पसंद किया।

गर्शिया ने मुझसे कहा- अगर आप चाहो तो इसाबेला (वो हब्शी लड़की) से सेक्स कर सकते हो।

मैंने भी हामी भर दी, क्योंकि यहाँ भी मुझे वाइफ़ के साथ गर्ल फ्रेंड स्वैप करने का मौका मिल गया था।

मैंने अभी अपने कपड़े उतार दिये,अब इतने बड़े बड़े लंडों के बीच मेरा 6-7 इंच का लंड तो बस लुल्ली ही लग रहा था। मगर मुझे अपने सेक्स से ज़्यादा इस बात में इंटरेस्ट था कि मेरी बीवी कैसे इस चीज़ को एंजॉय करती है।
तो मैंने कहा- पहले मैं अपनी पत्नी को सेक्स करते देखना चाहता हूँ, बाद में मैं उस लड़की से सेक्स करूंगा।

गर्शिया ने मेरी बीवी के ब्रा और पेंटी भी उतार दिया और उसे बेड पे लिटा दिया।
हम सब उसके आस पास आ कर बैठ गए।

एक लड़का विडियो कैमरा उठा लाया और वीडियो बनाने लगा।
मेरी बीवी ने अपनी टाँगें खोली, पहले तो गर्शिया ने अपना मुँह मेरी बीवी की चूत से लगा कर उसकी चूत को चाटना शुरू किया।
सीमा तो जैसे तड़प उठी।

जीजा का प्यासा लंड, साली की तड़पती चुत-1

मैंने पूछा- सीमा, कैसा लग रहा है?
वो बोली- आज पहली बार किसी मर्द की जीभ मेरे अंदर गई है, सच में बहुत ही नया और अजीब अनुभव है, मैं बता नहीं सकती, ऐसे लग रहा है जैसे ये जीभ से मेरे साथ सेक्स कर रहा हो।

‘ना सिर्फ चूत…’ मैंने देखा कि गर्शिया नीचे गांड के छेद से अपनी जीभ फिरता हुआ लाता और चूत के ऊपर तक चाट जाता।
उसके लंड की तरह उसकी जीभ बहुत लंबी थी, और अपनी पत्नी को भी मैं जानता था, उसे अपनी चूत चटवाना बहुत ही पसंद था, हल्की जीभ लगाने पर ही वो खूब पानी छोड़ती थी और यहाँ तो इतनी बड़ी जीभ थी जो उसकी दरार को एक सिरे से दूसरे सिरे तक चाट रही थी, यह पता नहीं लग रहा था कि मेरी बीवी की जांघें और आस पास उस हब्शी के थूक से गीला हुआ है या मेरी बीवी की चूत के पानी से।

बाकी के दो लंबे लंबे लंड वाले लड़कों ने भी अपने अपने लंड मेरी बीवी के हाथों में पकड़ा रखे थे, जिन्हें वो हौले हौले हिला हिला कर उनसे खेल रही थी।
फिर गर्शिया ने मेरी बीवी से पूछ कर अपना लंड उसकी चूत पे रखा।
मेरी बीवी बड़े आराम से टाँगें चौड़ी कर के पड़ी थी, मगर मेरी गांड फटी पड़ी थी कि वो इतना मोटा और लंबा लंड लेगी कैसे, और उसके आगे एक छोटे सेब जितना बड़ा सुपाड़ा।

मगर औरत की गहराई आज तक कोई नहीं जान सका। उस भैंसे जैसे हब्शी ने तो ज़ोर लगाया और अपना सुपाड़ा मेरी बीवी की चूत में घुसेड़ दिया।

मैंने साफ देखा कि सीमा की चूत कितनी फैल गई थी, सीमा दर्द के मारे कराह उठी।
मैंने सीमा से पूछा- दर्द हो रहा है क्या?मगर वो मुस्कुरा कर बोली- नहीं, मगर ऐसा लगा जैसे पहली बार सेक्स कर रही होऊँ, जैसे आज मेरा कौमार्य भंग हुआ हो।

गर्शिया ने भी सीमा से पूछा कि अगर दर्द हो रहा है तो वो निकाल लेगा, मगर सीमा ने मना कर दिया, तो गर्शिया ने फिर से और अपना लंड सीमा की चूत में घुसेड़ा और इस बार सीमा फिर सिसक उठी।
दर्द के भाव साफ उसके चेहरे पर आते थे, मगर फिर भी वो दर्द को बर्दाश्त कर रही थी और मुस्कुरा रही थी।

गर्शिया ने अपना आधे के करीब लंड सीमा के चूत में डाल दिया।
मैंने सीमा से पूछा- सीमा, कैसा लग रहा है?
हालांकि उसकी हालत देख कर मेरा सारा जोश हवा हो चुका था। सच कहूँ तो वो मोटी हबशन भी मेरे लंड से खेल रही थी, चूस रही थी, मगर मेरा लंड अपनी अकड़ भूल गया, मेरा सारा ध्यान अब सीमा की तरफ ही था।

जब मेरा लंड ढीला पड़ गया तो वो इसबेला भी अपने दूसरे दोस्त के साथ लग गई। सीमा बेड पे चित लेटी पड़ी थी, गर्शिया का आधे के करीब लंड उसकी चूत को पूरा खोल के अंदर घुसा और और बाकी के दो लड़को ने भी अपने अपने लंड सीमा को हाथों में पकड़ा रखे थे, जिन्हें वो हिला हिला कर खेल रही थी।

सीमा ने गर्शिया को इशारा किया तो गर्शिया ने अपना लंड उसकी चूत के अंदर बाहर चलाना शुरू किया। हर बार सीमा के मुँह से दर्द की सिसकी निकल जाती मगर फिर भी वो गर्शिया को मना नहीं कर रही थी।
गर्शिया ने सीमा से पूछा कि क्या वो और अंदर डाले?
तो सीमा ने कहा- नहीं और आगे नहीं जा सकता, बस अब यह आखिरी किनारे को छू रहा है।

उसके बाद गर्शिया ने अपनी स्पीड थोड़ी सी बढ़ा दी।
अब जितना बड़ा उसका शरीर था, उतनी ही ताकत भी थी, साले ने मेरी बीवी को पेल कर रख दिया।
सीमा को भी शायद इस ज़बरदस्त चुदाई में मज़ा आ रहा था, वो भी कभी इस लड़के का तो कभी दूसरे लड़के के लंड को मुँह में ले ले कर चूस रही थी।

करीब 5-6 मिनट गर्शिया ने जम कर सीमा को चोदा, फिर पूछा कि क्या वो दो लंड लेना पसंद करेगी।
अभी मैंने ना कहा मगर सीमा ने हाँ कह दी।
गर्शिया बिना अपना लंड सीमा कि चूत से निकाले, खुद नीचे हो गया और सीमा को अपने ऊपर कर लिया।

सीमा के ऊपर आते ही दूसरा हब्शी लड़का, सीमा के पीछे आ बैठा और उसने भी अपना 9 इंच का तना हुआ लंड सीमा की गांड रख दिया।

अब सीमा की गांड तो पहले भी मैंने और ग्रुप के 2-3 लोगों में मारी थी, खुली गांड थी उसकी मगर इतना बड़ा लंड तो किसी का था नहीं, सो उस मादरचोद ने अपने लंड पे ढेर सारा थूक लगाया और रख कर लौड़ा सीमा की गांड में घुसा दिया।

इस बार फिर सीमा की चीख निकल गई, मगर उसने रोका नहीं।
यह वाला लड़का थोड़ा ज़्यादा ही निर्दयी था, इसने तो बड़ी ज़ोर ज़ोर से धक्के मार मार कर अपना आधे से भी ज़्यादा लंड सीमा की गांड में घुसेड़ दिया।

मैंने फिर सीमा से पूछा- डार्लिंग अगर दर्द ज़्यादा है तो रहने दें?
अब मेरी तो पत्नी थी, मुझे उससे बेहद प्यार है और उसका दर्द देख कर मुझे भी दर्द होता है।
मगर सीमा बोली- नहीं यार, आज मत रोको इन्हें, जो करते हैं करने दो।

अब जब ऊपर वाला हब्शी सीमा की गांड मार रहा था तो उसके हिलने से सीमा हिल रही थी और सीमा के हिलने से नीचे वाले को अपने आप चुदाई का मज़ा आ रहा था।
थोड़ी देर बाद तीसरे लड़के अपना लंड सीमा के मुँह में दे दिया। सच कहूँ मुझे बेचारी की हालत पर बहुत तरस आ रहा था, मगर उसे पता नहीं इस सब में क्या मज़ा आ रहा था, वो दर्द से तड़पती रही, कराहती चीखती रही, मगर उसने किसी को भी रुकने को नहीं कहा। और करीब करीब 15 मिनट तक ऐसे ही उसकी ज़बरदस्त चुदाई हुई।

फिर जिस लड़के ने सीमा की गांड में लंड डाला हुआ था, उसने सब से पहले पानी छोड़ा, और सीमा की गांड को अपने वीर्य से भर दिया।
जब वो उतरा तो मुँह वाला लड़का उसकी जगह आ गया और वो सीमा की गांड मारने लगा।
एक तो पहले ही सीमा की गांड से उस हब्शी का वीर्य चू कर बाहर टपक रहा था, जब इसने चुदाई शुरू की तो सीमा की गांड से फ़च फ़च की आवाज़ आने लगाई और वीर्य की झाग बन गई।

2 मिनट दूसरे लड़के ने अपने वीर्य की पिचकारियाँ छोड़ दी।
जब वो उतर गया तो गर्शिया ने सीमा से पूछा कि क्या वो भी उसकी गांड मार सकता है तो सीमा ने मना कर दिया के उसका लंड बहुत बड़ा है, सीमा उसका लंड अपनी गांड में नहीं ले सकती, वो सिर्फ चूत ही मारे।

गर्शिया ने सीमा को घोड़ी बनाया और पीछे से अपना लंड सीमा कि चूत में डाल कर चुदाई शुरू की। करीब 25-30 मिनट उस जिन्न ने लगातार मेरी बीवी को चोदा।
सीमा को तो उसने बिखेर कर रख दिया, जितना मेकअप वो करके आई थी, सारा उसके आँसुओं में धूल गया, बाल बिखर गए।

पता नहीं इस दौरान सीमा 2 बार झड़ी या 3 बार, मगर उसकी चीखें एक मिनट भी नहीं रुकी।

और फिर गर्शिया ने अपना विशाल लंड सीमा की चूत से निकाला तो सीमा को जैसे सांस आया हो और उसने अपना लंड सीमा के मुँह में दे दिया।
सीमा का तो जैसे मुँह भी फटने को आ गया।
गर्शिया हाथ से मुट्ठ मारने लगा, उसका पूरा सुपाड़ा सीमा के मुँह में था और फिर उसने अपने विशाल लंड से बेइंतेहा वीर्य छोड़ा।
इतना छोड़ा के सीमा का पूरा मुँह भर गया, कितना सारा उसके मुँह के अंदर चला गया और कितना सारा उसके मुँह से चू कर बाहर
निकल गया।

गर्शिया सीमा की छाती पर ही बैठ गया। उसका लंड सीमा के मुँह पर पड़ा था और उसके माथे और सर के बालों तक को गर्शिया ने अपने वीर्य से भर दिया।
उसके बाद गर्शिया बेड पे लेट गया।

मैं सीमा के पास गया और पूछा- कैसी हो?
मेरे चेहरे पर चितना की रेखाएँ साफ दिख रही थी, मगर सीमा मुस्कुरा कर बोली- मत पूछो कैसी हूँ, ऐसा लग रहा है जैसे किसी बच्चे को जन्म देकर हटी हूँ। आगे पीछे सब जगह दर्द ही दर्द हो रहा है, मगर न जाने क्यों एक बहुत ही सुंदर एहसास भी हो रहा है।

थोड़ी लेटी रहने के बाद सीमा उठी, मैं उसको सहारा देकर बाथरूम में ले गया और उसको साफ करने में उसकी मदद की।

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सीमा ने कहा- आप तो जाओ, आप भी तो एंजॉय कर लो!
मगर मैंने मना कर दिया।
उसके बाद हम अपने अपने कपड़े पहन कर वापिस अपने घर आ गए और वो हब्शी इसाबेला को चिपट गए।
घर आ कर हम सो गए।

सुबह जब उठे तो मैंने सीमा से उसका हाल पूछा, उसने अपनी नाईटी उठा कर दिखाया, उसकी चूत के होंठ सूजे पड़े थे, सारी चूत ही सूज गई थी।
फिर जब मैंने उसको उल्टा कर के देखा तो हैरान रह गया, गांड भी पूरी सूज गई थी, मैंने कहा- सीमा तुम्हारी चूत का उन्होंने भोंसड़ा तो क्या उस से भी बड़ा टोकरा ही बना दिया।

मगर देखो फिर भी वो मुस्कुरा दी, जबकि उसको बेहद दर्द हो रहा था।
अगले तीन चार दिन तक सीमा बेड पर ही रही, बेड पर ही उसका बर्थ डे केक काटा गया।

फिर मैंने सीमा से कहा- सुनो, अगर हम इन हब्शियों को अपने ग्रुप में शामिल कर लें तो हमारे ग्रुप की और औरतें भी इतने बड़े बड़े लौड़ों का स्वाद ले सकेंगी।

तो सीमा बोली- ऐसा करो आप उनसे बात करो और कहो के अगर वो भी अपनी उस मोटी भैंस के साथ हमारा क्लब जॉइन करना चाहते हैं, तो क्लब के मेम्बर बन जाएँ।
मुझे भी उसकी बात अच्छी लगी और मैंने भी झट से उन्हे एसएमएस कर अपना ईमेल आई डी chodkam.com@gmail.com भेज दी।

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