वाइफ़ स्वैपिंग की चाहत में दो दीवाने -1 (Wife Swapping Swinging Ki Chahat Me Do Deewane -1)

अपनी क्लास में मैं पहला था, जिसने किसी को चोदा था, चाहे वो एक रंडी थी, पर चुदाई तो चुदाई ही होती है। ऐसे ही मेरी बीवी है, उसने भी शादी से पहले बहुत बार सुहागरात और सुहाग दिन मना रखे थे।
यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:
वाइफ़ स्वैपिंग की चाहत में दो दीवाने -2

दोस्तो आप सब को नए साल की बधाई, दुआ करता हूँ कि कोई भी पुरुष या महिला, लड़की या लड़की जो कोई भी चोद्काम पे कहानियाँ पढ़ता या पढ़ती है, ऊपर वाला उन सबकी इच्छा पूरी करे, किसी को हाथ से करने की ज़रूरत न पड़े, सब को एक साथी मिले, सब चुदें चुदवाएँ, ज़िंदगी की मज़े लें!

मैं आपको एक नई बात बताने जा रहा हूँ। बात इसलिए कहा क्योंकि यह कोई कहानी नहीं, बिल्कुल सच्ची बात है।

loading…

मेरी एक कहानी पढ़ कर मुझे एक दंपति ने ईमेल भेजा और पूछा कि क्या मैं किसी ऐसे वाइफ़ स्वैपिंग क्लब Wife Swapping Club के बारे में जानता हूँ, जैसा मैंने अपनी कहानी में बताया है।
अब वो कहानी तो मेरी काल्पनिक थी तो मैंने असमर्थता ज़ाहिर कर दी मगर उनसे पूछा कि वो ऐसा क्लब क्यों ढूंढ रहे हैं।
तो जो उन्होंने मुझे बताया, उससे तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए।
क्या जोड़ी है दोनों की!

तो लीजिये दोनों की काल्पनिक कहानी नहीं सच्ची गाथा सुनिए। इसमें मैंने सिर्फ नाम बदले हैं।

मेरा नाम कपिल है, मैं 35 साल का हूँ, मेरी पत्नी का नाम पायल, वो 32 साल की है। हम दोनों सुंदर, सेक्सी, स्वस्थ और बहुत ही रोमांचक जोड़ी हैं।
हमारी शादी को कोई 6-7 साल हो गए हैं, एक बच्चा भी है।

बात दरअसल यह है कि हम दोनों ही बहुत ही अड्वेंचर लविंग हैं, हमें नई नई चीज़ें देखने सुनने, नए नए और अजीब अजीब काम करने का शौक है।
खास बात यह कि मेरी पत्नी का स्वभाव भी बिल्कुल मुझसे मिलता है।

अब मैं तो शुरू से बहुत जोशीला रहा हूँ, जिस उम्र में बच्चों को अपनी नाक साफ करने नहीं आती, उस उम्र में मैंने सेक्स कर लिया था। अपनी क्लास में मैं पहला था, जिसने किसी को चोदा था, चाहे वो एक रंडी थी, पर चुदाई तो चुदाई ही होती है।

ऐसे ही मेरी बीवी है, उसने भी शादी से पहले बहुत बार सुहागरात और सुहाग दिन मना रखे थे।

जब हमारी शादी हुई तो मैंने अपनी पत्नी से कुछ नहीं छुपाया और उसने मुझसे कुछ नहीं छुपाया। सुहागरात के अगले दिन ही पायल ने खुद मेरे ऊपर बैठ कर चुदवाया था और उसी रात मैंने उसकी गान्ड मारी थी।

शादी के तीन बाद हम हनीमून के लिए मनाली गए जहाँ हम दोनों ने अपने अपने सारे कच्चे चिट्ठे एक दूसरे को बताए। हमारी जोड़ी तो जैसे ऊपर वाले ने बड़ी सोच समझ कर बनाई थी।

सेक्स के हम दोनों बहुत ही दीवाने हैं, बहुत से नए नए खेल खेलते हैं हम आज भी।
सेक्स का कोई भी पोज ऐसा नहीं जिसे हमने अपने ऊपर आज़मा कर नहीं देखा।
मैं अपनी पत्नी पायल की चूत तब तक चाट सकता हूँ, जब तक वो मेरे मुँह में ही न झड़ जाए और उसकी चूत के होंठ मेरी चटाई से सूज न जाएँ।

मेरी पत्नी पायल मेरा लंड तब तक चूस सकती है, जब जब तक मैं उसके मुँह में ही न झड़ जाऊँ, मेरा सारा माल पीने के बाद भी वो मेरा लंड चूसती रहती है, झड़ने के बाद लंड ढीला पड़ जाता है और उसके चूसने से धीरे धीरे फिर से तन जाता है और फिर से मैं उसके मुँह में झड़ जाता हूँ।

मेरे पास हम दोनों की ढेरों नंगी अधनंगी सेक्स करते हुये की फोटो और वीडियो बना के रखी हैं। खैर वो सब आपके लिए नहीं हैं, वो हमारी प्राइवेसी है।
इसके अलावा हमारे पास बहुत से सेक्स खिलौने हैं जो हम दोनों इस्तेमाल करते हैं, जैसे मैं पायल के ऊपर सेक्स डॉल लेटा कर उससे सेक्स करता हूँ, पायल मेरे सामने डिल्डो यानि के प्लास्टिक के नकली लंड से चुदवाती है।
कभी वो काम वाली बन कर, मेरी टीचर बन कर या फिर मैं कभी उसका ठर्की बॉस बन कर या सेल्ज़्मन बन कर उससे सेक्स करता हूँ।
और तो और बाहर खुले में सेक्स करना, गाड़ी में जाते हुये पायल का लोगों को अपने बूब्स निकाल के दिखाना, और न जाने ऐसे क्या क्या काम हमने किए हैं, पर हमारी कुछ नया करने की भूख फिर भी शांत नहीं होती।

जब सेक्स के सभी तौर तरीके हमने आज़मा लिए तो कुछ और नया करने की सोचा।
आपको एक उदाहरण देता हूँ जिससे आपको हमारे पागलपन का अंदाज़ा हो जाएगा।

एक रात को मैं और मेरी बीवी दोनों कनॉट प्लेस, दिल्ली में घूम रहे थे, तभी मेरे दिमाग में एक आइडिया आया, मैंने पायल से पूछा- अगर इस वक़्त मैं तेरे लिए कोई ग्राहक ले कर आऊँ, तो चुदेगी उससे?
पायल ने बड़े ध्यान से मेरी आँखों में देखा और बोली- अगर दल्ला बन कर लाओगे, तब तो चुद लूँगी।
मैंने पूछा- पक्का? मेरे सामने?
वो हंसी और बोली- हाँ, तुम कहो तो कुत्ते से भी चुद जाऊँ!

मैंने उसे आँख मारी और अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए किसी को ढूँढने लगा।
मेरी नज़र सामने एक आदमी पर पड़ी, वो भी मुझे लगा शायद किसी रंडी की तलाश कर रहा था।
मैं उसके पास गया और पूछा- कुछ ढूंढ रहे हैं सरकार?
उसने मेरी तरफ देखा और बोला- क्यों, क्या तेरे पास कुछ है?
मैंने कहा- जी बिल्कुल है, देखेंगे आप?
वो बोला- चल दिखा!

वो मेरे पीछे पीछे आ गया, थोड़ा आगे जाकर मैं उसे पालिका बाज़ार की तरफ पार्क में ले गया, वहाँ पे पायल खड़ी थी।
मैंने उसे दिखाया।
जब हम पास आए तो पायल भी किसी रंडी की तरह एक्टिंग करने लगी।
मैंने पूछा- क्यों हुज़ूर, माल पसंद आया?
वो पायल के पास गया और उसे ऊपर से नीचे तक बड़े ध्यान से देखा।

उस वक़्त पायल ने टी शर्ट और टाइट जीन्स पहनी थी। उस आदमी ने बड़ी बेतकल्लुफ़ी से पायल की बाजू पकड़ के अपने पास खींचा और फिर एक हाथ से पायल के बूब को पकड़ कर दबाया, और बोला- माल तो सॉलिड है, कितने में चलेगी?

पहली बार मेरे सामने किसी गैर मर्द ने मेरी बीवी को इस तरह से छूआ था, मुझे थोड़ा अजीब सा लगा और पायल को भी, मगर कुछ नए की चाह में हमने इस एहसास को दबा लिया।

पायल तो कुछ नहीं बोली, मैंने कहा- हुज़ूर, एक ट्रिप के 3000 और पूरी रात रखनी है तो 15000 लगेंगे।
वो आदमी बोला- अरे पूरी रात क्या करनी है, बस एक बार मज़ा दे दे, बहुत है।
यह कहानी आप चोद्काम डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

मैंने पूछा- कहाँ लेकर जाओगे?
उसने पायल को घुमाया और पीछे से उसके मोटे गोल चूतड़ों पर हाथ फेर कर बोला- जगह तो मेरे पास नहीं है, तुम्हारे पास है तो बोलो, पैसे मैं दे दूँगा।
अब तो बात बिल्कुल साफ थी, मेरी बीवी रंडी बन चुकी थी और मैं दल्ला।
उस आदमी ने जेब से अपना बटुआ निकाला और 3000 निकाल के मुझे दे दिये- ये ले पकड़ और चल जहाँ चलना है?
वो बोला।
मैं क्या बोलता, यह तो मज़ाक मज़ाक में बात बढ़ गई थी।

उसने पायल को पीछे से अपनी बाहों में ले लिया और उसके दोनों बूब्स दबा के बोला- नाम क्या है तेरा?
पायल ने भी मटक कर कहा- पायल!
‘क्या क्या करती है?’ उसने फिर पूछा।
‘जो भी आप करवाना चाहो!’ पायल ने जवाब दिया।
‘मेरा मतलब, लंड चूसती है, गान्ड मरवाती है, कोई नखरा तो नहीं करती?’ उसने पूछा।
पायल बोली- अरे नहीं सेठ, सब करती हूँ, जो चाहे जैसे चाहे करवा लो।

मैं तो देख कर हैरान था, मुझे तो ऐसे लग रहा था जैसे पायल सच में रंडी हो। मगर ये सब अब मेरे बर्दाश्त के बाहर हो रहा था।
तो मैंने कहा- देखो सेठ, जगह तो हमारे पास भी नहीं है, अगर तुम्हारे पास है कोई इंतजाम हो तो चलो।
वो बोला- अरे नहीं यार, मेरे पास कोई जगह नहीं, तुम लोग रखा करो जगह का इंतजाम करके?
उसने थोड़ा खीज कर कहा।

loading…

खैर बात सिरे नहीं चढ़ी और हम दोनों वहाँ से वापिस आ गए।

घर आकर मैंने पायल से पूछा- अगर उसके पास जगह होती और वो तुम्हें ले जाता तो क्या करती?
पायल बोली- डर तो मुझे भी लगा था, कि क्या मैं सचमुच उस से चुदूंगी।

मगर मेरे दिमाग में एक और विचार आया- पायल, एक बात बता, कैसा लगे अगर कोई ऐसा जोड़ा हमें मिले जो हमारी तरह ही सोचता हो, हमारे जैसा ही हो, हम चारों आपस में एक दूसरे को शेयर करें। मैं उसकी बीवी को चोदूँ और तुम उसके पति से चुदवाओ, चारों जन बिल्कुल नंगे, एक दूसरे के सामने पूरी बेशर्मी से!
मैंने अपने दिल की बात कही।

‘तुम्हारा मतलब वाइफ़ स्वैपिंग क्लब Wife Swapping Clubs?’ पायल ने पूछा।
मैंने कहा- हाँ, तुम्हें कैसे पता?
वो बोली- मैंने इंटरनेट पे पढ़ा था। तो पता करो दिल्ली में ऐसा कोई क्लब कहाँ पर है, या ऐसा कोई जोड़ा कहाँ पे मिल सकता है, जिससे कांटैक्ट करके हम दोनों अपनी इस इच्छा को भी पूरी कर सकें!’

अगर आप मेरे साथ अपनी पत्नी शेयर करना चाहते हैं या किसी वाइफ़ स्वैपिंग ग्रुप Wife Swapping Group के मेम्बर हैं तो प्लीज हम दोनों को भी शामिल कर लीजिये!

आपको मेरी कहानी कैसी लगी? chodkam.com@gmail.com पर ईमेल करके अपने विचार मुझ तक पहुँचा सकते हैं।
नीचे डिसकस कमेंट्स में भी आप अपने विचार जरूर प्रकट कीजिये।

और भी मजेदार और हॉट एंड सेक्सी हिन्दी सेक्स कहानिया की अपडेट पाने के लिए हमें फेसबुक पर LIKE करे।  
दोस्तों आज की एक और नई सेक्स कहानी पड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।
नीचे दिए बटन को क्लिक करके इस पोस्ट को मित्रों में शेयर करें..
loading…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

वाइफ़ स्वैपिंग की चाहत में दो दीवाने -2 (Wife Swapping Swinging Ki Chahat Me Do Deewane -2)

जिस औरत ने मुझे चुना था, वो मुझे लेकर बिल्कुल बीच में लेट गई और मुझे अपने ऊपर लेटा लिया। बिल्कुल हमारी बगल में ही मेरी पत्नी और उसका पार्टनर लेटा हुआ था।
यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:
वाइफ़ स्वैपिंग की चाहत में दो दीवाने -1

हैलो दोस्तो, मेरी लिखी कहानी ‘‘ पढ़ कर मुझे बहुत से लोगों के ई मेल्स आए और सब ऐसा ही कोई क्लब जॉइन करना चाहते हैं, मगर सब के सब अपनी प्राइवेसी को लेकर चिंतित थे। मज़ा तो सब लेना चाहते हैं, मगर कोई भी ये नहीं चाहता के उसके बारे में किसी को पता चले कि वो ऐसे ही किसी क्लब का सदस्य है।

तो ऐसे में ही मुझे दिल्ली से एक ई मेल आई मिस्टर राज की। वो एक ऐसे ही वाइफ़ स्वेपर्स क्लब के मेम्बर हैं और क्लब मेम्बर्स अपनी पूरी गोपनीयता से एंजॉय कर सकें इसके लिए वो एक फ्लैट का पक्का इंतजाम कर रहे हैं, जहाँ पे क्लब के सभी सदस्य मिल बैठ कर एक दूसरे से बातचीत कर सकें, एक दूसरे को जान सकें, और उसके बाद खुल कर एंजॉय कर सकें।

loading…

तो मैंने मिस्टर राज से ही पूछा ‘ये क्लब क्या है, कैसा है, वो इस इस क्लब के मेम्बर कैसे बनें?’
तो जो उन्होंने बताया आपको बता रहा हूँ।
अगर आप की कहानी भी ऐसी ही है, तो आप ज़रूर मिस्टर राज से सम्पर्क करिए।

दोस्तो, मेरा नाम राज है, मैं दिल्ली में रहता हूँ, मेरा अपना बिज़नेस है, घर परिवार सब बढ़िया चल रहा है।
मगर कभी कभी दिल में ख्याल आता कि लाइफ में कुछ मज़ा नहीं, वही सुबह से शाम तक काम… हफ्ते में एक दो बार बीवी से सेक्स! साला लाइफ में कुछ भी अडवेंचर नहीं।

तभी एक दिन मैंने इंटरनेट पर एक वाइफ़ स्वेपर क्लब के बारे में पढ़ा। पहले तो थोड़ा अजीब सा लगा मगर फिर यह भी सोचा कि यार जब ज़िंदगी में और कुछ नहीं तो यह क्यों न कर के देखा जाए।

पहले मैंने उस क्लब के एक मेम्बर से ई मेल करके सारी जानकारी ली। उसके बाद एक दिन जब बीवी भी मस्ती के मूड में थी, तो मैंने उसके सामने यह प्रोपोज़ल रखी।
‘क्या, आप चाहते हैं कि मैं किसी और मर्द के साथ करूँ और आप मेरे सामने ही किसी और औरत के साथ सेक्स करें?’ इतना बड़ा मुँह
खोल कर उसने पूछा।

मैंने कहा- देखो यार, अपनी लाइफ में कुछ भी मज़ेदार नहीं है, अगर हम दोनों किसी और से सेक्स करते हैं तो इसमें बुरा क्या है, पहली बात हम एक दूसरे से छुप कर कोई गलत काम नहीं कर रहे हैं, जो भी करेंगे एक दूसरे के सामने करेंगे और अगर मैं मज़ा करूंगा तो तुम्हें भी तो हक़ है कि तुम भी अपनी ज़िंदगी में मज़े लूटो।
‘कल को धोखा तो नहीं दोगे, कोई ताना या जलील तो नहीं करोगे?’ पत्नी ने पूछा।
‘बिल्कुल नहीं मेरी जान, बस इस काम को सिर्फ मज़े के लिए करना, दिल से मत लगाना!’ मैंने मन ही मन खुश होते हुये कहा।

‘ठीक है, आप जो भी कहेंगे, वो सब कर सकती हूँ मैं, पर सिर्फ आपके लिए!’ पत्नी बोली और किचन में चली गई।
थोड़ी देर बाद किचन से वापिस आई तो मैंने उसे इंटरनेट पे कुछ वीडियोज़ दिखाई जिसमें ऐसे ही पत्नियों की अदला बदली करके सब सेक्स एंजॉय कर रहे थे।

वीडियो देख कर बीवी बोली- अगर ऐसे ही करना है तो मेरी एक छोटी सी शर्त है कि जिस भी जोड़े से आप बात करें, वो मुझे भी पसंद आना चाहिए, अगर वो कपल भी हमें अच्छा लगा तो हम करेंगे।
मतलब बीवी मान गई थी।

मैंने अपने दोस्त से बात करी और क्लब में सेक्स के लिए अपनी पत्नी की सहमति बता कर हमें भी क्लब के मेम्बर बनाने के लिए कहा।
दोस्त ने मुझे क्लब के सारे नियम समझाये और जो क्लब की मैम्बरशिप फीस थी वो भी मैंने भर दी।
महीने में दो बार क्लब की मीटिंग होती थी।

मीटिंग से 4-5 पहले मैंने और मेरी पत्नी दोनों मेरे उस दोस्त के घर गए, वहाँ पर उसकी बीवी भी थी, हम चारों ने चाय पीते हुये इस बारे में सारी बातें खुल कर डिस्कस की।
मुझे तो खैर पता ही था, बस मेरी पत्नी को इन बातों के बारे में बताना था और उसको तन मन से इस कार्य को करने के लिए तैयार करना था।

उनसे मिलने के बाद पत्नी ने भी खुल कर अपनी इच्छा जता दी के वो ऐसा क्लब जॉइन करने के लिए तैयार है।

15 तारीख, शनिवार रात को 7 बजे हम दोनों मियां बीवी तैयार हो कर अपनी पहली वाइफ़ स्वेपेर्स क्लब की मीटिंग अटेण्ड करने पहुँचे।
यह पार्टी किसी मेम्बर के घर पर थी, जहाँ पे सब इकट्ठे होने शुरू हो हुये।

खाने पीने का बढ़िया इंतजाम था, कोल्ड ड्रिंक्स, जूस, वाइन, बीयर, व्हिस्की, वेज, नोनवेज हर चीज़ का इंतजाम था।
जब सब मेम्बर्स आ गए, कुल 15 जोड़े, सब आपस में बैठ कर बातें कर रहे थे, हम दोनों नए थे सो सिर्फ अपने दोस्त के साथ बैठे ही बातें कर रहे थे।

थोड़ी देर बाद क्लब के प्रधान साहब बोले- भाई दोस्तो, आज हमारे बीच दो नए मेहमान आए हैं, मिस्टर एंड मिसेज़ राज गर्ग। आप दोनों यहाँ मेरे पास आएंगे प्लीज़!

हम दोनों उठ कर प्रधान साहब के पास जा कर खड़े हो गए, सब ने तालियाँ बजा कर हमारा स्वागत किया।
उसके बाद प्रधान साहब ने भी पहले हम दोनों को क्लब की कार्य प्रणाली और अन्य बातों से अवगत करवाया, फिर बोले- आज क्योंकि आपका पहला दिन तो आपका सब से परिचय करवाते हैं।

मुझे लगा शायद सब के नाम वगैरह बताएँगे।
मगर यह तो कोई खेल था। शुरुआत मेरी पत्नी से हुई, सबसे पहले प्रधान साहब ने कहा- देखो, क्योंकि मैं इस क्लब का प्रधान हूँ सब से पहले मैं आपको अपना परिचय देना चाहूँगा, इस क्लब में हम जिस मक़सद से आयें हैं, उसी तरह का परिचय भी होता है, आप मैडम मेरी पेंट की ज़िप खोलिए।

मेरी पत्नी ने बड़ी हैरानी से पहले उसे फिर मुझे देखा, मैं उसे इशारा किया।
मेरी बीवी ने आगे बढ़ कर प्रधान साहब की पेंट की ज़िप खोली!
‘अब अपना हाथ अंदर डालिए और उसे पकड़िए!’
मेरी पत्नी ने अपने हाथ प्रधान साहब की पेंट में डाला और उनका लंड पकड़ा- ऐसे नहीं, चड्डी में भी हाथ डालो, फिर पकड़ो!

मेरी पत्नी ने वैसे ही किया तो प्रधान साहब बोले- जी यह है मेरा परिचय!
सब के सब हंस पड़े।
‘तो चलिये अब अगर आप मेरा परिचय छोड़ दे तो मैं भी आपका परिचय ले लूँ!’

मेरी पत्नी ने प्रधानसाहब की पेंट से हाथ बाहर निकाल तो प्रधानसाहब मेरी पत्नी के ठीक पीछे आ कर खड़े हो गए, और उन्होंने पहले मेरी पत्नी का दुपट्टा उतारा और फिर अपना एक हाथ ऊपर गले से उसकी कमीज़ के अंदर डाल कर उसके दोनों बूब्स को दबा कर सहला कर देखा और दूसरे हाथ से सलवार के ऊपर से उसकी चूत को सहलाया।

‘लो जी अपना तो परिचय हो गया, अब बाकी के सारे मेम्बर्स भी मैडम से परिचय कर लें।’
कह कर प्रधान साहब साइड में हो गए। उसके बाद सभी मर्दों बारी बारी आ कर मेरी पत्नी के बूब्स दबाये उसकी चूत सहलाई और उस से अपने अपने लंड पकड़वाये।

जब मर्दों का हो गया तो अब औरतों की बारी थी।
एक महिला उठ कर आई और मेरे सामने खड़ी हो गई।
मैं चुप चाप खड़ा रहा।
‘क्यों आपको परिचय नहीं करना क्या?’ उसने पूछा।
‘जी करना है!’ मैंने कहा।
‘तो बी ए मैन, पकड़ो मुझे!’ उसने कहा तो सब हंस पड़े पर उस औरत ने ही खुद मेरी पेंट की ज़िप खोली और अंदर हाथ डाल कर, मेरे लंड को पकड़ कर सहलाया।
‘आपका परिचय बहुत अच्छा है!’ कह कर वो मेरी तरफ देखने लगी।

मैंने अपने हाथ बढ़ा कर उसके दोनों बूब्स पकड़े।
‘ऐसे नहीं यार अंदर हाथ डाल कर पकड़ो’ उसने कहा।
ब्लाउज़ में हाथ डाल कर उसके स्तन दबा कर देखा और साड़ी के ऊपर से उसकी चूत को भी छू कर देखा।
‘अगर तुम चाहो तो अंदर हाथ डाल कर भी छू सकते हो!’ वो बोली।

और उसके बाद एक एक करके क्लब की सभी औरतों ने मेरी पेंट में हाथ डाल कर मेरे लंड को सहलाया।
अब इतनी तरह तरह की औरतें आ आ कर मेरे लंड को सहला रही थी और मैं उनके बूब्स, चूत और गांड को सहला सहला कर मेरा लंड तो पत्थर की तरह सख्त हो गया।

जब सब से परिचय हो गया तो सब के सब हाल में चले गए। वहाँ पे फर्श पे ही बहुत सारे गद्दे लगे थे। बिना किसी शर्म के सब ने अपने अपने कपड़े उतार दिये।
अब सब नंगे हो गए तो मैंने और मेरी पत्नी ने अपने सब कपड़े उतार कर हम भी नंगे हो गए।
अब बारी थी अपना अपना पार्टनर चुनने की… तो पहल लेडीज को दी गई।
हर औरत अपने अपने पार्टनर को चुन रही थी, मेरी पत्नी ने भी एक मर्द को चुन लिया।

जिस औरत ने मुझे चुना था, वो मुझे लेकर बिल्कुल बीच में लेट गई और मुझे अपने ऊपर लेटा लिया। बिल्कुल हमारी बगल में ही मेरी पत्नी और उसका पार्टनर लेटा हुआ था।
आस पास आ कर बाकी क्लब मेम्बर्स भी लेट गए।

उसके बाद धीरे धीरे सबने अपने अपने पार्टनर के साथ चूमा चाटी और बाकी की क्रियाएँ शुरू कर दी।
मैंने देखा मेरी पत्नी का पार्टनर उसकी चूत चाट रहा था और वो पड़ी तड़प रही थी।
मेरी पार्टनर मेरा लंड चूस रही थी।
यह कहानी आप चोद्काम डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

मैंने और मेरी पत्नी दोनों ने एक दूसरे की आँखों में देखा, मैंने पूछा- कैसा लग रहा है?
वो बोली- बहुत मज़ा आ रहा है।
उसके बाद हम दोनों अपने अपने पार्टनर के साथ बिज़ी हो गए। मगर बीच बीच में एक दूसरे को देखते रहे। दोनों अपना अपना मज़ा ले रहे थे।

बहुत मज़ेदार सेक्स दृश्य थे। बेशक सब कोंडोम पहन के कर रहे थे, जो ज़्यादा आपस में घुले मिले थे, वो तो किसी की ग्रुप की तरह थे, एक ही औरत को 3-4 मर्द लगे थे या एक ही मर्द को दो औरतें चिपकी थी।

तभी साइड से एक और मर्द आया और उसने मेरी पत्नी से पूछा- अगर आप को कोई ऐतराज न हो तो क्या मैं भी आपके खूबसूरत बदन के साथ थोड़ा खेल सकता हूँ?
अब इतने लोगों के बीच नंगी पड़ी और किसी गैर मर्द से चुदवा रही क्या बुरा मानेगी। उसने हाँ कर दी तो उस आदमी ने मेरी बीवी के दोनों बूब्स दबा कर देखे, चूस कर देखे, और उसको अपना लंड चूसने को दिया।

मैं देख रहा था के मेरी बीवी बड़े प्यार से उसका लंड चूस रही थी और एक मर्द उसकी चूत में चोद रहा था।
करीब एक घंटे तक ऐसे ही सेक्स की महफिल जमी रही, फिर धीरे धीरे करके जो जो स्खलित होता गया वो साइड में बैठ कर बाकी लोगो को एंजॉय करते हुये देखता रहा।

मुझे लगा के अब पार्टी खत्म मगर उसके बाद तो डिनर था।
सबने नंगे ही डिनर किया, सब एक दूसरे से बातें कर रहे थे।
अब तो हम भी बहुतों से घुल मिल गए थे, मैं कहीं… बीवी कहीं…
मैंने देखा वो मुझसे थोड़ी दूरी पर 4-5 मर्दों के बीच बिल्कुल नंगी खड़ी खाना खा रही थी और हंस हंस कर बातें कर रही थी।

मैं वहीं जा पहुंचा।
एक साहब बोले- अरे भाई साहब, आपकी बीवी बहुत शानदार है, इनसे मिल के (मतलब सेक्स करके) मुझे बहुत अच्छा लगा।
मैंने देखा किसी को किसी से कोई शर्म नहीं थी, सब एक दूसरे को नंगे देख देख कर खुश हो रहे थे।

खाना खाने के बाद सब के सब वापिस उन गद्दों पे आ बैठे, कोई गीत सुनाने लगा, किसी ने चुटकुला, वेज नॉन वेज पूरे जोक्स चले। जोक्स के बाद हल्के फुल्के मज़ाक, छेड़खानी।
उसके बाद मर्दों को मौका मिला अपनी पसंद की पार्टनर से सेक्स करने के।
मैंने भी एक पार्टनर चुनी और मेरी पत्नी को भी किसी ने पार्टनर चुना।

loading…

उसके बाद एक और दौर चला, सेक्स ही सेक्स, जिस तरफ देखो सेक्स। कोई चूत चाट रहा था, कोई लंड चूस रही थी, कोई बूब्स दबा रहा था कोई चूस रहा था, बहुत सी औरतें तड़प रही थी, सिसकारियाँ भर रही थी।
30 जन एक दम नंगे, हर तरफ चुदाई।

एक साहब तो एक मैडम की गाँड भी मार रहे थे। मतलब यह कि सेक्स से सिर्फ तन की ही नहीं, आँखों की भूख, मन की प्यास सब शांत हो गए।
इसके बाद का प्रोग्राम ओप्शनल था, जिसे जाना हो जाए, रहना हो और सेक्स करना हो रुक जाए और करे।
हम मगर वापिस आ गए।

घर आ कर जब बीवी बाथरूम में कपड़े बदल रही थी तो मैंने उसको पीछे से बाहों में भर लिया।
‘अरे…’ वो खूब चहक कर बोली।
मैंने पूछा- सच बताओ, कैसा लगा, मज़ा आया?
वो बोली- जैसा मैंने सोचा था, उस से कहीं ज़्यादा मज़ा आया, आज मैं बहुत खुश हूँ, इस बात से नहीं की किसी और मर्द से मैंने सेक्स किया, मगर इस सारे काम में जो एंजॉयमेंट थी न, वैसी पहले कभी नहीं हुई।

मैंने उसको चूम लिया और बेडरूम में चला आया।
थोड़ी बाद वो भी आ गई और हम दोनों जफ़्फ़ी डाल कर सो गए।
अगर आप भी इस तरह का मज़ा लेना चाहते हैं तो chodkam.com@gmail.com पे ई मेल भेजिये और दिल्ली में ही वाइफ़ स्वेपेर्स क्लब के मज़े लीजिये।

दिल्ली से बाहर वाले भी जॉइन कर सकते हैं। सिर्फ मियां बीवी ही आवेदन करें, ग्रुप में एंट्री सिर्फ कपल के आधार पे हैं, बाकी कोई भी कांटैक्ट करने या बेमतलब मेल्स भेजने का कष्ट न करे।

नीचे डिसकस कमेंट्स में भी आप अपने विचार जरूर प्रकट कीजिये।

और भी मजेदार और हॉट एंड सेक्सी हिन्दी सेक्स कहानिया की अपडेट पाने के लिए हमें फेसबुक पर LIKE करे।  
दोस्तों आज की एक और नई सेक्स कहानी पड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।
नीचे दिए बटन को क्लिक करके इस पोस्ट को मित्रों में शेयर करें..
loading…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

वाइफ़ स्वैपिंग की चाहत में दो दीवाने-3

मैं रोमांचित भी बहुत थी, 7 लोग मेरे आस पास बैठे मेरे नंगी होने का तमाशा देख रहे थे, और देखने वाली बात यह कि मुझे खुद नंगी होकर उनको अपना तमाशा दिखाना था। 

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:
वाइफ़ स्वैपिंग की चाहत में दो दीवाने -1
वाइफ़ स्वैपिंग की चाहत में दो दीवाने -2

हैलो दोस्तो, इस पहले इसी कहानी के दो भागों को पाठकों ने बहुत पसंद किया और मिस्टर राज गर्ग ने मुझे इसका एक और भाग लिखने को कहा। मैंने इस बार उनकी बजाए उनकी पत्नी का नज़रिया आपके सामने रखने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको पसंद आएगी। Desi Chudai Kahani, Free Hindi Audio Sex Stories, Gujarati sex story, Hindi Font Sex Stories, Hindi sex kahaniya, Hindi Sex Stories,Hindi Sex Story, Indian Hindi sex stories, Indian Sex Stories,Lesbian Sex, wife swapping, अंग प्रदर्शन, गैर मर्द, चुदास, दोस्त की बीवी,नंगा बदन, बीवी की अदला बदली, वाइफ़ स्वैपिंग

हैलो दोस्तो, मेरा नाम सीमा है, मैं तीस साल की एक शादीशुदा औरत हूँ।
मैं और मेरे पति शुरू से बहुत खुले विचारों वाले रहे हैं। इसी लिए जब उन्होंने मेरे सामने एक वाइफ़ स्वपेर्स क्लब जॉइन करने की बात रखी तो मैं भी मान गई।
पहली क्लब मीटिंग में क्या हुआ, कैसे हमारा परिचय हुआ, यह तो आप पढ़ ही चुके हैं, अब मैं आपको सुनाती हूँ दूसरी मीटिंग में क्या हुआ। खास तौर पे मेरे साथ क्या क्या हुआ, वो सुनिए।

loading…

क्लब की दूसरी मीटिंग हुई।
अब क्योंकि क्लब की कार्यविधि मुझे समझ में आ गई थी तो मैं इस बार खास तैयारी से गई।
मीटिंग में जाने से पहले मैंने अपनी पूरी बॉडी को वेक्स करवाया, ताकि मेरे जिस्म पे एक भी बाल न रहे, बड़ी अच्छी तरह से अपने नीचे के बाल भी साफ किए, चेहरे का फुल फेशियल, हाथ पाँव की मेनिक्योर पेडिक्योर, फुल मेकअप, जैसे किसी शादी में जाना हो, ऐसी तैयारी करके गई।

जब घर से निकलने लगे तो गाड़ी में बैठते हुये राज बोले- लगता है आज की पार्टी तो तुम ही लूट ले जाओगी।
‘अजी रहने दो, पिछली पार्टी में तो आपने मुझे देखा भी नहीं, किसी और के साथ ही लगे रहे!’ मैंने थोड़ा सा शर्मा के कहा।
‘अच्छा तभी इस बार तैयारी इतनी जोरदार है कि पार्टी के सभी मर्द सिर्फ सरकार को ही देखें, और किसी को नहीं?’ राज ने एक और जुमला कहा।

इसी तरह हँसते हँसाते हम पार्टी के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचे।
यह पार्टी बंसल जी ने एक लाउन्ज में रखी थी।
खाने पीने का सब सामान आ चुका था, सिर्फ ग्रुप के मेम्बर ही अंदर थे और बाहर का कोई भी आदमी नहीं था।
सबसे पहले सबने अपने अपने मोबाइल फोन निकाल के एक जगह रख दिये, उसके बाद सब अपने अपने हिसाब से बैठ गए।
अब अपनी ही पार्टी थी तो सब खुद ही एक दूसरे को ड्रिंक्स और खाने का समान सर्व कर रहे थे।

मैं अपने पति और दो और मर्दों के साथ खड़ी बातें कर रही थी।
तभी एक साहब आए, मेरे पति से हाथ मिलाया और बोले- हैलो सर, क्या हाल चाल हैं आपके?
मेरे पति ने भी उनसे हाथ मिलाया और अपना हाल चाल बताया।

वो साहब फिर बोले- मिस्टर राज, अगर आप बुरा न मानें तो क्या आज मैं आपकी पत्नी को अपनी पार्टनर बना सकता हूँ?
राज ने मेरी तरफ देखा और मैंने राज की तरफ!

अभी हमने कुछ कहा भी नहीं कि तभी मेरे पास खड़े एक सज्जन ने मेरी कमर में हाथ डाला और बोले- अरे नहीं यार, आज तो ये मेरी पार्टनर बनेंगी।
जिन्होंने मेरी कमर में अपना हाथ डाल रखा था, साड़ी की साइड में से मेरे नंगे पेट पे हाथ फिरा के बोले- तो क्यों न आज हम सब मैडम को अपना पार्टनर बना ले और हम सब की मैडमज़ इनके साहब को अपना पार्टनर बना लें, एक तरफ 4 मर्द और एक औरत और दूसरी तरफ 4 औरतें और एक मर्द… क्या ख्याल है?

मैं तो सुन कर ही घबरा गई कि अगर ये सब मुझे चोदने लगे तो मेरा तो बैंड बजा देंगे।
मेरे चेहरे की परेशानी देख कर क्लब के प्रधान साहब बोले- अरे नहीं यार, लड़की का भी सोचो, ऐसे करते हैं कि खेलेंगे सब इसके साथ मगर सेक्स जिसके मर्ज़ी साथ करो, सारे के सारे मर्द इस बेचारी की मारने लगे तो इसकी तो माँ चुद जाएगी।

प्रधान साहब की बात सुन कर सब हंस पड़े, पहली बार मुझे किसी का गाली देना बुरा नहीं लगा और मुझे उनकी गाली में भी अपने लिए संरक्षण नज़र आया।
फिर प्रधान साहब ने मुझसे पूछा- सीमा, तुम खुद बताओ, एक बार में तुम कितने मर्दों से चुदवा सकती हो?

मेरे तो रोम रोम खड़े हो गए, बड़ी मुश्किल से बोली- दो या तीन…?!?
‘तो ठीक है बस…’ प्रधान साहब बोले- सेक्स सिर्फ कोई 3 लोग ही करेंगे, बाकी लोग कुछ और कर लेंगे।
‘कुछ और?’ मैंने कहा, मुझे डर लगा कि कहीं मेरी गांड न मारने लगें।

प्रधान साहब ने मेरी ठुड्डी को पकड़ा और बोले- घबराओ मत, कुछ और क्या है, जल्द ही जान जाओगी, मगर कुछ भी ऐसा नहीं होगा, जिस से तुम्हें कोई तकलीफ हो या फिर तुम्हें पसंद नहीं आए।

ड्रिंक्स का दौर तो चल ही रहा था, और करीब करीब सबने पी, किसी ने थोड़ी किसी ने ज़्यादा। मगर मैंने देखा कि मर्द मेरे ही आस पास मंडरा रहे थे, मैं नई जो थी, मुझे डर भी लगा के आज तो पक्का ये सब चोद चोद के मेरी चूत को छील देंगे।

फिर प्रधान साहब बोले- लेडीज एंड जेंटल्मन, प्लीज़ अपने अपने पार्टनर चुनिये और मज़े कीजिये, यहाँ से पार्टी नग्न होती है।
उनकी बात सुन कर सब अपने अपने कपड़े उतारने लगे, मैंने भी अपनी साड़ी के कंधे से ब्रोच खोला, तो एक साहब बोले- अरे ऐसे नहीं, प्लीज़ रुकिए, जेंटलमन, कैसा लगे अगर हम सब बैठ कर देखें और ये मैडम अपने कपड़े उतार कर हमें दिखाएँ?

सबने ताली बजा कर समर्थन किया, सब मर्द औरत अपने कपड़े उतारने छोड़ कर मेरे आस पास आ कर नीचे कार्पेट पे ही बैठ गए, और मैं सब के बीच खड़ी थी।
‘चलिये मैडम अब शुरू कीजिये!’

सच में मुझे बड़ी शर्म आई, मगर मैं रोमांचित भी बहुत थी, 7 लोग मेरे आस पास बैठे मेरे नंगी होने का तमाशा देख रहे थे, और देखने वाली बात यह कि मुझे खुद नंगी होकर उनको अपना तमाशा दिखाना था।
इस पहले अपने घर परिवार में मैंने अपनी कुछ महिला रिश्तेदारों के सामने तो कपड़े बदले थे, मगर कभी किसी पुरुष के सामने बिल्कुल नंगी नहीं हुई थी।

खैर अब इस से भागा तो नहीं जा सकता था, मैंने अपनी साड़ी का पल्लू हटाया।
एक साहब बोले- वाह, क्या चूचियाँ हैं!
तभी एक और बोले- अरे भोंसड़ी के, चूचियाँ नहीं हैं, बोबे हैं बोबे, साइज़ तो देख!
दोनों शायद अच्छे दोस्त थे तो दोनों हंस पड़े।

फिर मैंने अपनी साड़ी की चुन्नटें खोली और साड़ी उतार के साइड पे रखने लगी तो किसी ने कहा- ऐसे नहीं, रखो मत हवा में उड़ा दो ताकि हम लूट सकें!
मैंने अपनी साड़ी हवा में उछाल दी तो सब मर्दों ने ऐसे मेरी साड़ी को पकड़ा जैसे किसी कैबरे डांसर के उतारे हुये कपड़ों को पकड़ते हैं।
फिर मैंने एक एक करके अपने ब्लाउज़ के बटन खोले और अपना ब्लाउज़ उतार कर वैसे ही हवा में उछाल दिया, बहुत से मर्दों के मूंह से ‘हाय…; निकला।
फिर पेटीकोट का हुक खोला तो पेटीकोट नीचे गिर गया।

‘अब एक मिनट रुको!’ एक शख्स ने कहा- आओ भाई ज़रा छू कर तो देखें!
कह कर वो मेरे पास आए तो और बाकी मर्द मेरे करीब आ गए, कोई मेरी पिंडलियों को सहला रहा था, कोई घुटनों को, को मेरी जांघों को, फिर सहलाते सहलाते चूमने और चाटने भी लगे।
मेरी बाज़ू, कमर, पेट, पीठ सब जगह उन सब मर्दों ने चूम चाट कर देखा, और उनके इस अति सेक्सी हरकत से ही मेरी चूत तो पानी पानी हो गई।

बंसल साहब ने मेरी गीली पेंटी को उंगली से छू कर कहा- लो भाई मैडम तो पानी छोड़ गई!
सब हंस पड़े।
देखने वाली बात यह भी थी, मेरे सिवा वहाँ 4 औरतें भी थी, मगर सब अपना मस्त थी, किसी को यह चिंता नहीं थी कि उनके पति क्या कर रहें हैं, बल्कि मुझे देख देख कर मज़े ले रही थी, क्योंकि ये सब एक खेल था।

फिर सब मर्द उठे और उन्होंने भी अपने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिये और 2 मिनट में ही सब के सब नंगे हो गए और मेरे आस पास चिपक कर खड़े हो गए।
किसी का लंड मेरे चूतड़ से लग रहा था, किसी का मेरी चूत पे, किसी का पेट पे, किसी पीठ पे, मैं हर तरफ से तने हुये लंडों के बीच घिर गई थी।

सब के हाथ मेरे बदन पर यहाँ वहाँ घूम रहे थे, मुझे नहीं पता चला कि किसने मेरी ब्रा की हुक खोली, किसने ब्रा उतार कर फेंक दी, किसने पेंटी उतारी।
एक साथ सब मुझे चूसने लगे, कोई होंठ चूस रहा था, कोई गाल, कोई मेरे स्तन चूस रहा था, एक कोई चूत और कोई गान्ड, जिसको कुछ नहीं मिला वो जहाँ जगह मिली वहीं चाटने लगा।

वे लोग मुझे अपनी अपनी जीभ से चाट रहे थे, अब तो मेरे बदन पे कोई ऐसा रोम भी नहीं रह गया था, जिसे किसी ने न चाटा हो।मेरी तो बुरी हालत थी, इतना रोमांच, इतनी गुदगुदी।
उन सबके चाटने से मेरी तो चूत पानी पानी हुई पड़ी थी, हर थोड़ी से देर बाद कोई न कोई अपनी जगह बदल लेता, मेरे दोनों हाथों में बदल बदल के लोग अपना अपना लंड पकड़ा रहे थे।

अब इतना जोश मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी और मैं झड़ गई ‘इतनी चटाई, इतनी चुसाई, हे भगवान, मेरे बस की बाहर की बात थी।’
जब मेरा पानी छुट गया तो मैं तो निढाल हो कर कार्पेट पे ही गिर गई।
कितने कमीने होते हैं मर्द, कैसे खा जाते हैं औरत को!

जब उनकी अपनी पत्नियाँ भी वहाँ थी, पर सब के सब मुझ पर ही टूटे पड़े थे।
मैं जब गिर पड़ी तो धीरे धीरे सब मुझे वहीं छोड़ कर ड्रिंक्स की तरफ चले गए।

राज मेरे पास आए- कैसा लग रहा है, कोई तकलीफ तो नहीं?
मैंने कहा- तकलीफ, इतना मज़ा तो मैंने आज तक कभी सपने में भी नहीं सोचा था। आज तो जैसे मेरे जान ही निकल जाती।

तभी एक औरत आई और राज को बुला कर ले गई।
प्रधान साहब बोले- चलो भाई, अब आगे की कारवाई भी शुरू करो।
राज के सिवा बाकी सब मर्द फिर मेरे आस पास आ गए, 4 तने हुये लंड, अलग अलग तरह के मेरे आस पास थे।
आज तो जैसे लंडों की बरसात हो गई हो मुझ पर!

‘बताइये मैडम, अपनी पसंद के मर्द पसंद कीजिये और उनसे अपनी शाम को रंगीन कीजिये।’
मैंने अपने हिसाब से एक मोटा सा, एक लंबा सा लंड पसंद किया, दो लोग जो पहले से ही मुझे अपना पार्टनर बनाना चाहते थे, वो भी आ गए, मतलब आज मुझे 4 लोग चोदेंगे।

उसके बाद मर्द बड़ा सा गोल घेरा बना कर बैठ गए, प्रधान साहब बोले- देखो सीमा, सबसे पहले तुम्हें इन सब मर्दो के लंड चूसने होंगे, थोड़े थोड़े, से उस दौरान ये सब तुम्हारे बदन को सहलायेंगे, जब सभी का चूस चुकी होगी, तब तुम्हारी पसंद के 4 मर्द तुम्हारा भोग लगायेंगे, मगर जैसे तुम चाहो, वैसे! ठीक है?

मैं उठ कर बैठ गई, सबसे पहले जो मेरे सबसे नजदीक पुरुष था मैंने उसका लंड पकड़ा और अपने मुंह में लिया और धीरे धीरे से चूसने लगी।
‘उफ़्फ़ मेरी जान…’ कहते हुये उस आदमी ने मेरे नंगे बदन पर अपने हाथ घुमाने शुरू किए- क्या मखमली बदन है तेरा साली, तुझे तो मैं कच्चा चबा जाऊँ!
कहते हुये उसने मेरे दोनों स्तन दबाए, मेरे निप्पल मसले, मेरे चूतड़ों को दबा कर सहला के देखा।
मेरी पीठ को सहलाया और जहाँ जहाँ भी मेरे बदन पे वो हाथ फेर सकता था, उसने फेरा।
फिर मैं उसका लंड छोड़ कर दूसरे का लंड चूसने के लिए आगे बढ़ गई।

इसी तरह मैंने अपने पति समेत सभी 5 मर्दों के लंड चूसे और उन्होने मेरे बदन को सहलाते हुये, मुझे न जाने क्या क्या कहा… मतलब मुझे पूरी रंडी बना दिया।
एक दो ने बीच बीच में मुझे मादरचोद बहनचोद की गाली भी दी, मगर मैं उनकी गालियों को नज़र अंदाज़ कर गई।

उसके बाद तो बाकी औरतें भी बीच में आ गई, हर तरफ आहें, चीखें, सिसकारियों का दौर चल पड़ा।
4 मर्द मेरे भी आस पास थे, कोई मेरी चूत मार रहा था, कोई मुंह में दे रहा था, 2 के मैं हाथ में पकड़ के बैठी थी।
जिस तरफ देखो चोदा चादी चल रही थी।

अब इतने गरम माहौल में कोई कितनी देर बर्दाश्त कर सकता है।
बारी बारी उन चारों मर्दों ने मुझे चोदा और मैं 4 बार और झड़ी।

loading…

आखरी चुदाई के बाद तो मेरी हालत खराब थी। सच में चूत तो जैसे अंदर तक खोखली हो गई थी, और चारों मर्दों ने मेरे मुँह में अपना वीर्य छुड़वाया।
मुझे पीना पड़ा, जिस वजह से सारा मुँह का स्वाद खारा खारा सा हो रहा था।

मैंने अपने पति से कह कर कुछ पीने को मंगवाया, उन्होंने फ्रूटी में एक पेग बेकार्डी का डाल के दिया।
सच में पीते ही मेरे तो कानों में से सेंक निकल गया, इतनी गर्मी आई कि पूछो मत!

जब सब मर्द औरत फ्री हो गए, तो उसके बाद खाना शुरू हो गया।
खाना खाने के बाद पति ने पूछा- अब क्या प्रोग्राम है, रुकना है या चलना है?
मैंने आस पास खड़े एक दो और मर्दों के लंडो को देखा और बोली- अभी नहीं, अभी तो मुझे कम से कम दो शॉट और लगाने हैं।
कह कर मैं अपने पति को वहीं खड़ा छोड़ कर उन मर्दों के पास गई और बोली- हैलो बोयज, क्या आप जाना पसंद करोगे, या मेरे साथ एक एक गेम और खेलना चाहोगे?

मेरी बात सुन कर दोनों मर्दों के चेहरे खिल उठे।
मैं आपके ई मेल का इंतज़ार कर रही हूँ।

नीचे डिसकस कमेंट्स में भी आप अपने विचार जरूर प्रकट कीजिये।

और भी मजेदार और हॉट एंड सेक्सी हिन्दी सेक्स कहानिया की अपडेट पाने के लिए हमें फेसबुक पर LIKE करे।  
दोस्तों आज की एक और नई सेक्स कहानी पड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।
नीचे दिए बटन को क्लिक करके इस पोस्ट को मित्रों में शेयर करें..
loading…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *